जानिए महात्मा गाँधी से पहले नोटों पर किसकी तस्वीर छपती थी

महात्मा गाँधी की तस्वीर का नोट पर छपने का रहस्य

भारतीय नोटों में बीते कुछ साल काफी बदलाव हुए है लेकिन तमाम बदलावों के बाद भी नोटों पर 1 चीज़ आपने कभी भी बदलते हुए नहीं देखी होगी वो राष्ट्रीय पिता महात्मा गाँधी की तस्वीर अब सभी के जहन में ये सवाल उठता है की आखिर महात्मा गाँधी जी की यह तस्वीर कहा से आयी और इस तस्वीर को किसने खींचा है

आईये आपको बताते है महात्मा गाँधी जी की तस्वीर को नोटों पर पहली बार कब छापा गया था
मोहनदास करमचंद गाँधी जिन्हे हम महात्मा गाँधी या बापू के नाम से भी जानते है बापू जी ने अपने भाषण से लोगो की सोच ही बदल डाली थी उनमे नयी चेतना जागृत थी , उन्होंने हमेशा से ही लोगो को अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चलने के लिए बढ़ावा दिया। अहिंसा और सत्य के रास्ते से ही गाँधी जी ने अंग्रेजो को हमारे देश को छोड़ने के लिए भी मजबूर कर दिया। उन्होंने देश को आजाद करने के लिए और गरीबो को उनका हक़ दिलाने के लिए लम्बा संघर्ष किया। इसीलिए महात्मा गाँधी को लोग राष्ट्रपिता के नाम से पुकारते है। और उनकी तस्वीर को भारतीय नोटों पर छांपा गया है सबसे पहले महात्मा गाँधी की तस्वीर 1969 में छपी थी यह उनका जन्म शताब्दी वर्ष था। लेकिन तब केवल 5 और 10 के नोटों पर छपा करती थी। उस तस्वीर में गाँधी जी के पीछे सेवाग्राम आश्रम भी था। साल 1996 में पहली बार महात्मा गाँधी की तस्वीर वाले नोटों की सीरीज जारी की गयी थी। बापू की तस्वीर जो आज हम नोटों पर देखते है वो वायसराय हाउस जिसे अब राष्ट्रपति भवन के नाम से जाना जाता है राष्ट्रपिता म्यांमार और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पथिक लोरेंस से मुलाकात के लिए पहुंचे थे वही पर ली गयी गाँधी जी की इस तस्वीर को पोट्रैट के रूप में नोटों पर छांपा गया। हालाँकि ये फोटो किस फोटोग्राफर ने खींची उसकी अभी जानकारी नहीं मिल पायी है आपको बतादे 1996 से पहले यानि 1987 में गाँधी जी की तस्वीर को केवल वॉटरमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। वॉटरमार्क यानि तस्वीर बायीं तरफ दिखाई देती थी लेकिन समय के साथ साथ अब गाँधी जी की तस्वीर को नोटों पर छांपा जाने लगा। 1996 में 5 ,10 , 20 , 100 ,500 , 1000 के नोटों में गाँधी जी की तस्वीर वाले नोट चलन में आये | अशोक स्तम्ब की फोटो की जगह पर इस दौरान महात्मा गाँधी की फोटो लगाई गयी और अशोक स्तम्भ की फोटो को नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर प्रिंट किया गया

आईये अब आपको बताते आखिर नोट पर कब छांपा अशोक स्तम्ब
अब सभी सोच रहे होंगे की आखिर 1969 से पहले आखिर नोट पर क्या छांपा गया होगा। बापू की तस्वीर से पहले भारतीय नोटों पर विभिन्न मूल्यों वर्ग के नोटों पर अलग अलग डिजाईन और तस्वीर छपी होती थी तत्कालीन सरकार ने अशोक स्तम्ब के साथ नोट छांपा| हालाँकि कई बार महात्मा गाँधी की तस्वीर को लेकर बहस भी हुई की इनकी तस्वीर की बजाय किसी स्वतंत्रता सेनानी की तस्वीर को नोटों पर छांपा जाये। दरअसल महात्मा गाँधी उस समय 1 महान पुरुष के रूप में उभरे थे। बापू जी को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में माना जाता है इसीलिए राष्ट्रपिता यानि महात्मा गाँधी जिन्हे बापू जी के नाम से भी जाना जाता है उनकी तस्वीर नोट पर छापने का फैसला लिया गया

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