लॉक डाउन में पुलिस ने सुलझाई लव जिहाद की अनसुलझी मर्डर मिस्ट्री

लॉक डाउन में एक छोटी सी गलती ने एक बड़ी मर्डर मिस्ट्री सुलझा दी है ..मामला लव  जिहाद का है . 13 जून को पिछले साल यानी सन 2019 में  उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में  सबी अहमद नाम के व्यक्ति के खेत में उनके पडोसी ईश्वर पंडित ने एक कुत्ते को इंसान का हाथ मुंह में लेकर भागते हुए देखा था . जिसके बाद उन्हें कुछ गड़बड़ लगी. और सच का पता लगाने के लिए लिए उन्होंने गन्ने के खेत को पूरा खुदवाया तो ज़मीन में से एक युवती की लाश निकल कर आई. लेकिन युवती का सिर और हाथ दोनों ही धड उसके धड से गायब थे. इस वजह से युवती कहाँ और किसके घर से थी पहचानना काफी मुश्किल था..केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवती की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और खुनी की खोजबीन में जुट गुई..पुलिस को छानबीन में मुश्किल तब हुई जब आसपास के गावं में न ही कोई युवती गयाब थी जिससे कुछ मदद मिल सके. तब  वहां के एस .एस .पी नें एक तरीका निकाला . उन्होंने सोचा अगर गावं में कोई ऐसी लड़की नहीं है जो गायब हुई है तो लड़की कहीं बाहर से ही गावं में लायी गयी है.  एस .एस .पी साहनी ने ने तय किया कि गावं में जितने भी लड़के गावं से बाहर नौकरी करने जाते हैं क्यों न वहां जाकर छानबीन की जाए. वहां के थाणे में पता किये जाए की कहीं किसी गुमशुदा लड़की की रेपर्ट तो दर्ज नहीं हुई है. उनकी यह तरकीब उनके लिए काफी मददगार साबित हुई . अलग अलग थाने में सम्पर्क के बाद पंजाब के लुधियाना में एक 23 वर्षीय युवती के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज का मामला सामने आया. सुचना मिलते ही पुलिस गुत्थी को सुलझाने में लग गये और कड़ी से कड़ी मिलाने लग गये. युवती का नाम एकता देशवाल संभ्रात और आधुनिक परिवार की लड़की थी जो की बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा थी. पढाई के साथ साथ वो पार्ट टाइम जॉब भी करती थी. वो अचानक से बीमार हुई तो वह तांत्रिक दिलशाद के पास गयी जहाँ शाकिब ने उसे अपने प्रेम जाल में फसा लिया. शाकिब ने अपनी पहचान एकता से छुपाये रखी. शकीब ने एकता को अपना नाम अमन बताया. उसने अपना प्रेम जाल इतना मजबूत बना लिया की एकता उसके प्यार में कुछ भी कर गुजरने को तैयार थी. उसने एकता से कहा की वे दोनों कहीं दूर जाकर एक नयी अलग जिंदगी की शुरुआत करेंगे जिसके लिए उसे अपने घर से गहने और जेवरात लाने होंगे. एकता उसकी बातो में आ गयी और घर से 15 लाख नकद और गहने लेकर घर से अमन उर्केफ़ शाकिब के  साथ फरार हो गयी.    अमन उसे लेकर सीधा मेरठ के दौराला कस्बे में पहुंचा. दोनों ने वहां किराए पर कमरा लिया और करीब एक महीने तक वहां रहे. जब ईद के मौके पर अमन एकता को अपने असली घर लेकर आया और वहां उसकी असलियत एकता के सामने आ गयी की वह अमन नहीं शाकीब है. फिर दोनों के बीच झगडा होता रहा. शाकिब को अब लगा की एकता को रास्ते से हटाने का समय आ गया है. उसने उसी रात एकता को मारने की योजना बनायी जिससे गहने और पैसे भी उसके हो जाए और किसी को भनक तक न लगे.  ईद की रात शाकिब ने एकता की कोल्ड्रिंक ,में नशे की दवा मिला कर उसे बेहोश कर दिया जहाँ उसने अपने दोस्तों के साथ एकता को खेत में ले जाकर गला काटकर गाढ़ दिया. उसने गला काटने के बाद उसके हाथो को भी काट दिया क्योंकि एकता ने एक हाथ पर उसका और दुसरे हाथ पर अमन का नाम गुदवा रखा था. लेकीन पुलिस ने आखिर उसे खीज ही निकाला और उसे और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने जानकारी दी की जब शाकिब उर्फ़ अमन को हत्या की जगह पर ले जाया गया तो उसने एक कांस्टेबल की पिस्टल छिनी और फायरिंग करके भागने की कोशिश की. जवाबी फायरिंग में शाकिब के गोली लग गयी . जहाँ उसे अस्पताल ले जाया गया और अब उसका इलाज चल रहा है .

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