कश्मीर पर भारत की कुटनीतिक जीत

ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नवनियुक्त नेता स्टार्मर ने कश्मीर को लेकर दिया बड़ा बयान

कश्मीर हमेशा से ही भारत और पकिस्तान के लिए मुद्दा रहा है…जहाँ पकिस्तान कश्मीर को हमेशा कहता आया है..जबकि वो खुद POK लोगो पर कितने ज़ुल्म करता है जिसकी दास्तान किसी से छुपी नहीं है..पर अब कश्मीर को लेकर भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है कि .. की कश्मीर पर भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है. बता दे कि ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने कश्मीर पर अपना भारत विरोधी रुख बदल लिया है. लेबर पार्टी के नए नेता कीयर स्टार्मर ने कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है. उन्होंने लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (LFIN) की एक टीम से मिलने के बाद कहा कि , हम एशिया के मुद्दों की वजह से यहां के समुदाय को विभाजित नहीं होने दे सकते हैं. भारत का कोई भी संवैधानिक मुद्दा भारतीय संसद का मुद्दा है और कश्मीर मामले को भारत और पाकिस्तान को शांतिपूर्वक सुलझाना चाहिए…कहीं न कहीं हम यह भी कह सकते हैं कि ब्रिटेन में भारतीय मूल की आबादी कई ज्यादा है जिसके कारण वो भारत के लोगो को निराश नहीं कर सकते …वहीँ ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के भी लोग रहते हैं तो पाकिस्तानी आबादी भी उनके लिए अहमियत रखती हैं ..वहीँ अगर चुनाव नजदीक हो तब तो शायद बिल्कुल नहीं.. लेबर पार्टी के नवनियुक्त नेता स्टार्मर कश्मीर के मामले में अपने पूर्ववर्ती जेरेमी कार्बिन की नीतियों से दूरी बनाते हुए नजर आ रहे हैं. जेरेमी कश्मीर विरोधी रहे हैं..और यह उन्होंने एक ट्वीट में यह कह कर स्पष्ट कर दिया था कि …कश्मीर के हालात बहुत ही व्यथित करने वाले हैं. कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है जो बिल्कुल अस्वीकार्य है. कश्मीरियों के अधिकारों का सम्मान जरूर होना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू किया जाना चाहिए… कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया तो सितंबर 2019 में कश्मीर पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया था. लेबर पार्टी ने कश्मीर में एक अंतरराष्ट्रीय टीम भेजने की भी मांग की थी और नागरिकों के लापता होने और मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया था… प्रस्ताव में कहा गया था कि कश्मीर के लोगों को आत्म-संकल्प का अधिकार मिलना चाहिए…. स्टार्मर का अब शायद इस बयान के बाद उन्ही की पार्टी में विरोध होना शुरू हो सकता है..बता दे कि लेबर पार्टी की लंदन वाइस चेयर सीमा चंदवानी ने कहा कि स्टार्मर किसी गैर-जिम्मेदार समूह के लोगों के मिलकर एकतरफा कश्मीर पर पार्टी का रुख नहीं बदल सकते हैं. गार्डियन कॉलमिस्ट ओवेन जोन्स ने कहा कि वह स्टार्मर को कश्मीर मुद्दे पर ज्यादा मजबूती से खड़े होते और कश्मीरियों के आत्म-संकल्प के अधिकार की इच्छा का समर्थन करते देखना चाहते थे. उन्होंने लिखा, कश्मीर कश्मीरी लोगों का मामला है, भारतीय संसद का नहीं. लेबर पार्टी को कश्मीरियों के आत्म-संकल्प के अधिकार और मानवाधिकारों का समर्थन करना चाहिए. कश्मीर ब्रिटेन में चुनावी मुद्दा भी था. चुनाव के वक्त लेबर पार्टी ने भी कश्मीर पर प्रस्ताव से नाराज भारतीय समुदाय को मनाने की कोशिश की थी. रनीमेड ट्रस्ट की रिसर्च से पता चलता है कि पिछले एक दशक में लेबर पार्टी को ब्रिटिश भारतीयों का समर्थन मिलता रहा है लेकिन ब्रिटिश भारतीयों में से ज्यादातर हिंदू आबादी का कंजरवेटिव पार्टी के लिए समर्थन बढ़ता जा रहा है. शायद यही वजह है कि लेबर पार्टी के नए नेता कश्मीर मुद्दे की वजह से भारतीय समुदाय की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहते हैं.

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