ATM से इन ट्रांजेक्शन पर बैंक नहीं ले सकते कोई चार्ज, जानिए अपने अधिकार

ATM transaction rule RBI ने कहा है कि अगर कोई लेनदेन तकनीकी खराबी की वजह से फेल हो जाता है तो उसे मुफ्त लेनदेन में नहीं जोड़ा जाएगा।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने कुछ निश्चित मुफ्त लेनदेन की छूट देते हैं, इससे ज्यादा की लेनदेन पर बैंक शुल्क वसूलते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने 14 अगस्त, 2019 की अधिसूचना में मुफ्त एटीएम लेनदेन को लेकर तस्वीर साफ की है। बैंक ने अधिसूचना में कहा है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, शहरी सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक सहित सभी वाणिज्यिक बैंक एटीएम से बैलेंस चेक करना, टैक्स पेमेंट, फंड ट्रांसफर के लिए चेक बुक रिक्वेस्ट को एटीएम से मुफ्त लेनदेन में शामिल नही कर सकते हैं।

RBI ने कहा है कि अगर कोई लेनदेन तकनीकी खराबी की वजह से फेल हो जाता है तो उसे मुफ्त लेनदेन में नहीं जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही अगर एटीएम में करंसी नहीं है तो इसे भी मुफ्त लेनदेन में नहीं जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा कोई ऐसी लेनदेन जो तकनीकी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, एटीएम में करंसी के नहीं होने की वजह से फेल हो जाता है तो इसे भी मुफ्त लेनदेन में नहीं जोड़ा जाएगा। मतलब आपके पास एटीएम से मुफ्त लेनदेन की जो संख्या बची है वो आपके पास सुरक्षित है। इसके अलावा गलत पिन डालना भी ग्राहक के लिए मान्य एटीएम लेनदेन के रूप में नहीं गिना जाएगा।

भारतीय स्टेट बैंक में खाताधारक जिनके पास औसतन 25,000 रुपये का मासिक बैलेंस है वे महीने में दो बार मुफ्त नकद निकासी कर सकते हैं। हालांकि, 25,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच औसत मासिक बैलेंस वाले खाताधारक 10 मुफ्त नकद निकासी का फायदा उठा सकते हैं। मुफ्त सीमा के बाद लेनदेन पर 50 रुपये शुल्क और जीएसटी है।

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